शनिवार, 29 मई 2010

तस्‍वीरें बोलती हैं......















कुछ सोचा आपने, नहीं सोचा,तो हो जाए, एक लम्‍बा कश जिंदगी का .........

4 टिप्‍पणियां:

  1. परिमल जी कहाँ परवाह इनको इन सब बातों का ,हमारी शिक्षा और सामाजिक चरित्र भी तो इस दिशा में खराब हो चुकी है / उम्दा संदेशात्मक और चेतावनी देती तस्वीर /

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  2. बोल कर सन्देश दे रही है

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  3. इससे पहले अपन चित्रों में दिखने के काबिल हो जाते अपन ने सारी चीजों को नमस्ते बोल दिया है। सिगरेट, शराब,नानवेज और चाय तक.. सबको दूर से ही सलाम। चित्र खौफनाक-डरावने लेकिन अच्छे हैं।

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  4. are baba re dar lag raha he dekh kar

    soch raha hu sukr he 4 sal pahle ek sigret pine ke bad hi nirnay le liya ki ab nahi piunga

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