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एकलव्‍य, उपमन्‍यु, आरुणि ये सभी ऐसे शिष्‍य हैं, जिन्‍होंने अपनी गुरुभक्ति का संसार में एक अनूठा उदाहरण प्रस्‍तुत किया है। गुरु-शिष्‍य परम्‍परा की चर्चा करते हुए इनका नाम सदैव आदर एवं गर्व से लिया जाता रहा है। इन्‍होंने त्‍याग, तपस्‍या और भक्ति का ऐसा पावन स्रोत बहाया है कि संपूर्ण भारतवर्ष इनका सदैव ऋणी रहेगा। आइए जानते हैं, आरुणि की गुरुभक्ति के बारे में -

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