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हम आज की तेज दौड़ती-भागती दुनिया में कितने ही तकनिकी सुविधाओं के साथ उछल-कूूद कर लें लेकिन ये सच है कि हमारे अपनों के द्वारा लिखे गए पत्र हमें प्रेरणा देते हैं। उन पत्रों में प्यार होता हे, अपनापन होता है, समझाइश होती है और सीख भी। वे हमें जीवन के संकटभरे दिनों में हर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करते हैंं। हमारे जीवन में उन पत्रों का विशेष स्थान होता है। ये पत्र हमारे लिए अनमोल होते हैं। जब-जब जीवन में निराशा या हताशा के क्षण आते हैं, उस पत्र का एक-एक शब्द हमें आशा और उमंग के सागर में ले जाते हैं। हमारे आसपास का घ्‍ना अंध्‍कार मिट जाता है और हम स्फूर्तिवान हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही प्रेरणादायी पत्र आइसीआइसीआइ बैंक की एमडी और सीइओ चंदा कोचर ने अपनी प्यारी आरती लिखा है, जिसे हम यहाँ ऑडियो के रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं...

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