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कहानी का अंश.... रामापुर के एक धनी व्यक्ति प्रताप का एक पुत्र था कमल। बचपन से ही वह अपने मामा के यहाँ शहर में जाकर पढ़ता था। प्रताप अपने पुत्र को बहुत स्नेह करता था। यही कारण था कि वह उसकी पढ़ाई के लिए पैसे भिजवाने में कोई कमी नहीं करता था। परिणाम यह हुआ कि कमल बुरे व्यसन में पड़ गया। वह पढ़ाई केवल नाम मात्र की ही करके गाँव वापस आ गया। यहाँ आकर शेखी बघारने में लग गया। हर किसी से बातें करने में उसकी कन्नी काटने का प्रयास करता। परंतु एक दिन उसे इसका फल मिल गया। उसे अपने किए पर पछतावा हुआ और उसने अपना स्वभाव बदलने का निर्णय लिया। उसमें यह बदलाव कैसे आया? यह जानने के लिए ऑडियो की मदद लीजिए ...

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  1. देर आयद दुरस्त आयद
    बहुत सुन्दर प्रेरक प्रस्तुति

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