अतीत के झरोखे से अपनी खबर अभिमत आज का सच आलेख उपलब्धि कथा कविता कहानी गजल ग़ज़ल गीत चिंतन जिंदगी तिलक हॊली मनाएँ दिव्य दृष्टि दीप पर्व दृष्टिकोण दोहे नाटक निबंध पर्यावरण प्रकृति प्रबंधन प्रेरक कथा प्रेरक कहानी प्रेरक प्रसंग फिल्‍म संसार फिल्‍मी गीत फीचर बच्चों का कोना बाल कहानी बाल कविता बाल कविताएँ बाल कहानी बालकविता मानवता यात्रा वृतांत यात्रा संस्मरण लघु कथा लघुकथा ललित निबंध लेख लोक कथा विज्ञान व्यंग्य व्‍यक्तित्‍व शब्द-यात्रा' श्रद्धांजलि सफलता का मार्ग साक्षात्कार सामयिक मुस्‍कान सिनेमा सियासत स्वास्थ्य हमारी भाषा हास्‍य व्‍यंग्‍य हिंदी दिवस विशेष हिंदी विशेष

कविता का अंश...सर-सर करती चले हवा पानी बरसे झम-झम-झम ! आगे-आगे गरमी भागे हँस-हँस गाने गाएँ हम ! सर-सर करती चले हवा पानी बरसे झम-झम-झम मेंढक बोल पंछी ड़ोल बादल गरजें; जैसे बम ! सर-सर करती चले हवा पानी बरसे झम-झम-झम ! नाव चलाएँ खूब नहाएँ आओ कूदें धम्मक - धम ! सर-सर करती चले हवा पानी बरसे झम-झम-झम ! ऐसी ही अन्य बाल कविताओं का आनंद ऑडियो की मदद से लीजिए... सम्पर्क - drmbhatnagargwl@rediffmail.com

एक टिप्पणी भेजें

Author Name

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.