शनिवार, 13 फ़रवरी 2016

वेलेंटाइन डे पर विशेष - भारती परिमल

मोहब्बत अब 'लव' में बदल गई है। और 'लव' की लाइफ इतनी 'फास्ट' हो गई है कि इसमें जज्बातों के लिए समय ही नहीं है। मैं हैरान हूँ कि सभी प्रेमी केवल एक दिवस को ही प्रेम के लिए समर्पित करते हैं। सुबह से शुरू हुआ 'लव' शाम होते-होते खत्म हो जाता है और सुर्ख गुलाब सड़कों की शोभा बन जाते हैं। आखिर प्रेम के लिए एक दिवस ही क्यों? आइए जानते हैं, मोहब्बत खुद क्या कहती है इसके बारे में...

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