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मुंशी प्रेमचंद की कहानियॉं आम जीवन से जुड़ी हुई होती हैं। बूढ़ी काकी कहानी भी उन्‍हीं में से एक हैं। बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है। इसी उक्ति को इस कहानी के माध्‍यम से दर्शाया गया है। तो आइए, आनंद लीजिए इस कहानी का...

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