मंगलवार, 17 नवंबर 2015

सुधा नारायण मूर्ति की कहानी - बंबई से बैंगलूर तक का एक टिकट

जानीमानी समाज सेविका एवं लेखिका सुधा नारायण मूर्ति की यह कहानी मानवीय संवेदना एवं उदारता का परिचय देती है। किसी के आंसूओं को पोंछना और मुस्‍कान देना ही सच्‍ची मानवता है। यही हमारा सामाजिक कर्तव्‍य भी है।

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