मंगलवार, 27 अक्तूबर 2015

कहानी उपहार

लेखिका आरती रॉय की ये कहानी नारी विवशता को उजागर करती है। हमारा समाज आज विकास के पथ पर कितना भी आगे बढ जाए लेकिन पुरुष की नजरों में कहीं न कहीं वह केवल भोग्‍या की वस्‍तु ही है। इस विवशता को कहानी में उजागर करने का प्रयास किया गया है।

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