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1:37 pm
एक आदमी ने भगवान बुद्ध से पूछा : जीवन का मूल्य क्या है?   बुद्ध ने उसे एक पत्थर दिया और कहा : जाओ और इस पत्थर का मूल्य पता करके आओ, लेकिन ध्यान रखना इसे बेचना नही है।  वह आदमी पत्थर को बाजार में एक संतरे वाले के पास लेकर गया और बोला : इसकी कीमत क्या है? संतरे वाला चमकीले पत्थर को देख कर बोला- '12 संतरे ले जा और इसे मुझे दे दो।'     आगे एक सब्जी वाले ने उस चमकीले पत्थर को देखा और कहा- 'एक बोरी आलू ले जा और इस पत्थर को मेरे पास छोड़ जा।'    वह आदमी आगे एक सोना बेचने वाले के पास गया और उसे पत्थर दिखाया। सुनार उस चमकीले पत्थर को देखकर बोला- 'मुझे 50 लाख में बेच दो।'    उसने मना कर दिया। फिर वह जौहरी के पास पहुँचा। जौहरी ने उस पत्थर को पहचान लिया। उसने उस रूबी पत्थर की परिक्रमा लगाई और कहा कि यह तो बेशकीमती रूबी है। सारी कायनात, सारी दुनिया देकर भी इसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती। यह सुनकर वह व्यक्ति बुद्ध के पास वापस आया और सारी घटना कह सुनाई। तब बुद्ध बोले - हमारा मानव जीवन भी ऐसा ही बेशकीमती हीरा है। सभी इसकी कीमत अपनी औकात, अपनी हैसियत के अनुसार लगाते हैं। तुम घबराओ मत। समय आने पर तुम्हें भी लोग पहचान जाएँगे। लेकिन मानव को स्वयं भी अपनी कीमत पहचाननी होगी। इस प्रेरक प्रसंग का आनंद ऑडियो की मदद से लीजिए...

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