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सेठ करोडीमल की कंजूसी ने उन्हें इस तरह से मुसीबत में डाल दिया कि पैसे बचाने के चक्कर में उलटे पैसे खर्च करने की नौबत आ गई। इस मुसीबत से बचने का कोई उपाय न था। सुनिए एक मजेदार कहानी नन्ही पीहू की जुबानी...

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  1. आज सलिल वर्मा जी ले कर आयें हैं ब्लॉग बुलेटिन की १२५० वीं पोस्ट ... तो पढ़ना न भूलें ...
    ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " ब्लॉग बचाओ - ब्लॉग पढाओ: साढे बारह सौवीं ब्लॉग बुलेटिन " , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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