सोमवार, 28 मार्च 2016
बाल कहानी - वीणा की आवाज
लेखिका शकुंतला दास ने यह बाल कहानी बड़े ही अनोखे ढंग से लिखी है। छोटे से गांव में सोमा नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही दयालु था। हर किसी के दुख-सुख में हमेशा आगे रहता था। पेट भरने के लिए वह लोगों की गाय-भैंस चराकर अपना गुजारा चलाता था। एक दिन उसे पशुओं को लेकर घर लौटते समय कमर में तेज दर्द हुआ। तब जंगल में एक बाबा ने उसे एक अनोखी वीणा दी, जिसकी मधुर ध्वनि सुनकर उसका सारा दर्द दूर हो गया और वह पूरी तरह से ठीक हो गया। बस फिर क्या था, बाबा ने उपहार के रूप में वह वीणा उसे दे दी। बिना किसी लालच के वह उस वीणा का उपयोग कर लोगों को स्वस्थ् कर देता था। उसी गांव का एक लड़का लालची था, उसने उसकी वीणा का लालच में आकर उपयोग किया और उसे उसकी सजा भी मिली। सजा किस तरह से मिली, यह जानने के लिए सुनिए कहानी - वीणा की आवाज...
लेबल:
दिव्य दृष्टि,
बाल कहानी

सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Post Labels
- अतीत के झरोखे से
- अपनी खबर
- अभिमत
- आज का सच
- आलेख
- उपलब्धि
- कथा
- कविता
- कहानी
- गजल
- ग़ज़ल
- गीत
- चिंतन
- जिंदगी
- तिलक हॊली मनाएँ
- दिव्य दृष्टि
- दिव्य दृष्टि - कविता
- दिव्य दृष्टि - बाल रामकथा
- दीप पर्व
- दृष्टिकोण
- दोहे
- नाटक
- निबंध
- पर्यावरण
- प्रकृति
- प्रबंधन
- प्रेरक कथा
- प्रेरक कहानी
- प्रेरक प्रसंग
- फिल्म संसार
- फिल्मी गीत
- फीचर
- बच्चों का कोना
- बाल कहानी
- बाल कविता
- बाल कविताएँ
- बाल कहानी
- बालकविता
- भाषा की बात
- मानवता
- यात्रा वृतांत
- यात्रा संस्मरण
- रेडियो रूपक
- लघु कथा
- लघुकथा
- ललित निबंध
- लेख
- लोक कथा
- विज्ञान
- व्यंग्य
- व्यक्तित्व
- शब्द-यात्रा'
- श्रद्धांजलि
- संस्कृति
- सफलता का मार्ग
- साक्षात्कार
- सामयिक मुस्कान
- सिनेमा
- सियासत
- स्वास्थ्य
- हमारी भाषा
- हास्य व्यंग्य
- हिंदी दिवस विशेष
- हिंदी विशेष
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें