मंगलवार, 21 जून 2016
बाल कविताएँ - पूनम श्रीवास्तव
कविता का अंश...
सतरंगे बादल...
उमड़ घुमड़ कर आते बादल,
गरज बरस कर आते बादल,
काले काले भूरे पीले,
कितना हमें डराते बादल।
खुशियों का पैगाम ये बादल,
फसलों की तो जान हैं बादल,
लेकिन हद से गुजर गये तो,
बन जाते हैं काल ये बादल।
दूर देश से आते बादल,
बारिश को संग लाते बादल,
बच्चों बूढ़ों और बड़ों की,
मस्ती का ही नाम हैं बादल।
लाते हैं संदेशे बादल,
हमें सीख ये देते बादल
बूँद बूँद पानी की भर लो,
जाने कब फिर बरसें बादल।
इंद्रधनुष के रंग में सबको,
रंग जाते हैं प्यारे बादल,
जीवन के पल पल को रँग लो,
सतरंगे कहते ये बादल।
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