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कहानी का अंश... एक था कुनबी और एक थी कुनबिन। एक दिन जब कुनबी खेत से लौटकर घर आया और अपनी थकान उतार रहा था तो कुनबिन ने कहा कि देखो मेरे माता-पिता के गाँव में अकाल पड़ा है। तुम वहाँ जाकर उनकी मदद के लिए गेहूँ और एक गाय ले जाओ। कुनबी बैलगाड़ी में सामान लेकर तो जाता है पर वह अपनी ससुराल न पहुँचकर कहीं और वह सामान दे देता है। उसका बेटा घर आकर यह बात माँ को बता देता है और फिर कुनबिन अपने पति कुनबी को सबक सिखाने के लिए नई चाल चलती है। सामान किसके पास पहुँचता है अौर कुनबिन क्या चाल चलती है? यह जानने के लिए ऑडियो की मदद लीजिए...

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