मंगलवार, 18 अक्तूबर 2016

बाल कहानी – सोने का कंगन

कहानी का अंश… एक जंगल में एक बूढ़ा शेर रहता था। बुढ़ापे के कारण वह शिकार नहीं कर सकता था। उसके मुँह में दाँत और पैर के नाखून भी कमजोर हो गए थे। अपने शिकार के लिए उसे घंटो इंतजार करना होता था। कभी तो उसे कई दिनों तक खाना तक नसीब नहीं होता था। बूढ़े शेर को छोटे-मोटे पक्षी खाकर ही काम चलाना पड़ता था। एक बार उसे जंगल में किसी राहगीर का एक सोने का कंगन मिल गया। शेर ने उसे उठा लिया। अब बूढ़ा शेर उस कंगन को लेकर किसी को अपने जाल में फँसाने की तरकीब सोचने लगा लेकिन जो भी आदमी उसके पास कंगन देखता कि बजाय उसके पास आने के अपनी मौत के डर से भाग खड़ा होता। कई दिनों तक शेर को इस कंगन के सहारे कोई शिकार नहीं मिला। आखिर क्या हुआ होगा? क्या शेर को शिकार मिला या नहीं? यह जानने के लिए ऑडियो की सहायता लीजिए…

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