गुरुवार, 19 मई 2016
कहानी - मेरी गाड़ी पंचर हो गई - सीमा व्यास
कहानी का अंश... कभी-कभी जीवन में कुछ ऐसी अप्रत्याशित घटना घट जाती है कि मन अनजानी आशंका से काँँप उठता है। शाम गहराने के साथ ही अँँधेरे का साम्राज्य छाने लगा था और ऐसे में घर लौटते हुए रास्ते में स्कूटी का टायर पंचर हो गया। टयूब ही कट गया था। दुकानवाला लड़का नया टयूब लेने के लिए दूसरी जगह पर गया और ऐसे में उस सुनसान रास्ते पर बनी गुमठीनुमा दुकान पर मैं अकेली रह गई। न जाने कैसे-कैसे खयाल आ-जा रहे थे। बस नहीं आ रहा था तो वो लड़का टयूब लेकर। इंतजार करते-करते अनजानी आशंकाओं के अँँधेरे बढ़ते जा रहे थे। घर जाकर मम्मी-पापा को भी देर से आने का कारण बताना था। स्वयं को उनकी डाँँट से भी बचाना था। पर उसके पहले तो इस मुसीबत से ही छुटकारा पाना था। क्या ये सब कुछ संभव हो !!! सुनिए सीमा व्यास की कहानी मेरी गाड़ी पंचर हो गई इस ऑडियो की मदद से...
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