मंगलवार, 26 अप्रैल 2016
कविता - सचिन तुमने कर दिया कमाल
सचिन तुमने कर दिया कमाल.....
दे दी भारत को सचिन तुमने खुशियाँ बेमिसाल
महाराष्ट्र के लाल तुमने कर दिया कमाल
बचपन से ही थामा हाथों में बैट और बाॅल
हर बाॅल पर हिला दी पडौसी की दीवाल
महाराष्ट्र के लाल तुमने कर दिया कमाल।
क्रिकेट के मैदान में लड़ी अजब ही लड़ाई
चैकों-छक्कों से तुमने आफत थी मचाई
कई बार प्रतिस्पर्धी ने मात ही खाई
और जीत की बजने लगी शहनाई
चुटकी में विरोधी को दिया मैदान से निकाल
महाराष्ट्र के लाल तुमने कर दिया कमाल।
जब-जब तेरा बैट चला हर कोई चैंक पड़ा
श्रीलंका, न्यूज़ीलैंड, अफ्रीका, पाकिस्तान चैंक पड़ा
शोएब, मैक्ग्राथ, मुरलीधरन और अकरम चैंक पड़े
अंजलि, सारा-अर्जुन और सारे दोस्त चैंक पड़े
खुशियों की सौगात लाया आई-बाबा का दुलारा लाल
महाराष्ट्र के लाल तुमने कर दिया कमाल।
वैसे तो देखने में है हस्ती तुम्हारी छोटी
पर भायी न कभी तुम्हें स्वार्थ की रोटी
ईमानदारी से खेला जो खेल का हर दाँव
चर्चे चले फिर तो हर शहर और गाँव
जलती रहे सदा तुम्हारी शोहरत की मशाल
महाराष्ट्र के लाल तुमने कर दिया कमाल।
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कविता,
दिव्य दृष्टि

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