शनिवार, 13 अगस्त 2016

विज्ञान कविता – गम पेपर – सुधा अनुपम

कभी टिकट पर थूक लगाकर, चिट्ठीन पर चिपकाया है। किसने खोजा होगा इसको, सिर अपना खुजलाया है। जिसने चमचम बल्ब बनाए, जिसने बनाया फोनोग्राफ। दुनिया की खोजों में बनता, जिसका सबसे ऊँचा ग्राफ। इसके पीछे वही एडीसन, थॉमस अल्वा जिनका नाम। गले-गले तक डूब-डूब कर, करते थे जो अपना काम। पर ये सोचा न था अल्वा ने, गम-पेपर की खोज करें। बिजली के तारों से बाहर, नई दुनिया में कदम धरें। वो बस यूँ ही परेशान थे, जब भी गोंद लगाते थे। दो कागज को चिपकाने में, हाथ मुए सन जाते थे। इस अधूरी कविता को पूरा सुनने के लिए ऑडियो की मदद लीजिए….

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Labels