मंगलवार, 9 अगस्त 2016

स्टंट क्वीन - नाडिया - श्रीराम ताम्रकर

लेख का अंश्… नारी ईश्वर की कोमल रचना है। अबला है, सबला नहीं हो सकती। इन तमाम जुमलों को एक साथ झुठला देने वाली नायिका है - नाडिया। उसने तीस और चालीस के दशक में इन तमाम मिथकों को गलत साबित किया। अपनी दिलेरी की बदौलत शोहरत के हिमालय तक पहुँचने में कामयाब हुई। फिल्म डायमंड क्वीन के प्रचार पर्चे पर उसने लिखवाया था - थका देने वाली फिल्में कोई और होंगी। मेरी फिल्में देखकर दर्शक जोश से भर जाते हैं। मुंबई के वाडिया मूवीटोन की फिल्मों और बैनर को गाँव-गाँव में लोकप्रिय बनाने का श्रेय नाडिया को जाता है। उस समय के दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने में नाडिया और जॉन कावस की जोड़ी को अपार सफलता मिली। नाडिया ने वाडिया ब्रदर्स की तीस से अधिक फिल्मों में काम किया। इसी प्रतिष्ठान के मालिक होमी वाडिया से बावन वर्ष की उम्र में कानूनी रूप से विवाह भी किया। अपनी दिलचस्प शख्सियत के चलते छोटे भाई रॉबर्ट को दत्तक पुत्र माना। प्रसिद्ध रंगकमी, फिल्म अभिनेता और निर्देशक गिरीश कर्नाड अपने बचपन में नाडिया के इतने दीवाने थे कि अपने दोस्तों के साथ स्कूल से भागकर उनकी फिल्म देखने जाया करते थे। जबकि पिता द्वारा उन्हें इसके लिए पैसे आसानी से मिल जाया करते थे। नाडिया से जुड़ी कुछ खास बातें जानने के लिए ऑडियो की मदद लीजिए..

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