शनिवार, 16 जुलाई 2016

कविताएँ - सुभाष राय

तलाश...कविता का अंश... ---------- मौसम साफ होने पर कोई भी बाढ़ के खिलाफ पोस्टर लगा सकता है बिजली को गालियाँ बक सकता है तूफान के खिलाफ दीवारों पर नारे लिख सकता है जब हवा शीतल हो धूप मीठी हो कोई भी क्रांति की कहानियाँ सुना सकता है लेनिन और माओ की तस्वीरें टाँग सकता है घर की दीवारों पर... इस अधूरी कविता के साथ-साथ एक और कविता का आनंद ऑडियो की मदद से लीजिए...

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