शनिवार, 10 सितंबर 2016

बाल कविता – चिड़िया – प्रयाग शुक्ल

कविता का अंश... उड़ती-उड़ती आती चिड़िया, उड़ती-उड़ती जाती चिड़या। यहीं कहीं सुस्ताती चिड़िया, फुर्र से उड़ जाती चिड़िया। अपने बोल सुनाती चिड़िया, मीठा-मीठा गाती चिड़िया। दाना लेकर आती चिड़िया, दाना लेकर जाती चिड़िया। पानी पीने आती चिड़िया, पानी पीकर जाती चिड़िया। तिनका-तिनका लाती चिड़िया, घर है एक सजाती चिड़िया। बैठ तार पर जाती चिड़िया, लहरों को छू जाती चिड़िया। टहनी एक हिलाती चिड़िया, झूल उसी पर जाती चिड़िया। इस अधूरी कविता का पूरा आनंद ऑडियो की मदद से लीजिए…

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